अरफा यानि 9 ज़िल्हज्ज का रोज़ा अगले व पिछले 1 साल के गुनाहों का कफ्फारा है4⃣

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*🥀 कुर्बानी के मसाइल 🥀*



*👉 POST: 4⃣*


*✏️ अरफा यानि 9 ज़िल्हज्ज का रोज़ा अगले व पिछले 1 साल के गुनाहों का कफ्फारा है*

_📚 (बहारे शरियत,हिस्सा 5,सफ़ह 137).._

*✏️ बेहतर है कि गोश्त के 3 हिस्से किये जायें,1 अपने लिये 1 रिश्तेदारों के लिये और 1 अपने पड़ोसियों के लिये,लेकिन अगर परिवार बड़ा है तो पूरा का पूरा भी रख सकते हैं,मगर जितना भी हो अपने गरीब पड़ोसियों का ख्याल ज़रूर रखें*

📚 _(बहारे शरियत,हिस्सा 5,सफ़ह 144).._

*✏️ बड़े जानवर के 7 हिस्सों मे अगर 1 वहाबी की शिरकत हुई तो किसी की क़ुरबानी नही होगी,इसका खास ख्याल रखें*

📚 _बहारे शरियत,हिस्सा 5,सफ़ह 142).._

*✏️ गांव मे चुंकि ईद की नमाज़ नहीं है लिहाज़ा वहां सूरज निकलने के साथ ही क़ुर्बानी हो सकती है मगर शहर मे नमाज़े ईद से पहले हर्गिज़ नहीं हो सकती*

📚 _बहारे शरियत,हिस्सा 5,सफ़ह 137).._

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*🏁 मसलके आला हजरत 🔴*

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