फज़ाइले क़ुर्बानी
*मसाइले क़ुर्बानी-11*
*मसअला* - क़ुर्बानी के वक़्त जानवर उछला कूदा जिससे उसे चोट लग गई ऐबदार हो गया तो ये ऐब मायने नहीं रखता क़ुर्बानी हो जायेगी
📕 बहारे शरीयत,हिस्सा 15,सफह 141
*मसअला* - क़ुर्बानी का जानवर खो गया या मर गया तो लाज़िम है कि दूसरा जानवर क़ुर्बानी करे और अगर दूसरा जानवर लाया और गुम हुआ जानवर मिल गया तो जो मंहगा हो वो क़ुर्बानी करे और अगर सस्ता वाला क़ुर्बानी करेगा तो जितनी कीमत का फर्क आयेगा उतनी कीमत सदक़ा करे,दोनो की भी क़ुर्बानी कर सकता है
📕 बहारे शरीयत,हिस्सा 15,सफह142
*मसअला* - अगर 2 लोग साथ में छूरी चला रहे हैं तो ज़बह के वक़्त दोनों को बिस्मिल्लाह पढ़ना वाजिब है अगर एक ने भी तर्क किया तो जानवर हराम है
📕 बहारे शरीयत,हिस्सा 15,सफह 149
*मसअला* - एक ही आदमी कई जानवर को अपने नाम से क़ुर्बानी करना चाहता है तो कर सकता है एक वाजिब होगी बाकी सब नफ्ल,और बड़ा जानवर एक नाम से ज़बह कर दिया तो एक ही माना जायेगा ना कि 7वां हिस्सा
📕 बहारे शरीयत,हिस्सा 15,सफह 150
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