फज़ाइले क़ुर्बानी
*मसाइले क़ुर्बानी-12*
*मसअला* - क़ुर्बानी की खाल उसका गोश्त उसका सर या पैर कोई भी चीज़ काटने वाले को उसकी उजरत के बदले नहीं दे सकते कि ये भी बेचना ही हुआ हां तोहफतन दे सकते हैं जैसे कि और मुसलमान को देते हैं मगर खाल नहीं दे सकते
📕 बहारे शरीयत,हिस्सा 15,सफह 145
*मसअला* - क़ुर्बानी की खाल को अपने लिए बेचना मना है और हर दीनी व मिल्ली काम या मदारिस में सदक़ा की जा सकती है या बेचकर उसकी कीमत भी दे सकता है
📕 बहारे शरीयत,हिस्सा 15,सफह 144
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