क़ुर्बानी के अहकाम व मसाइल
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*🥀 क़ुर्बानी के अहकाम व मसाइल 🥀*
*उम्मत की तरफ से हुज़ूर की क़ुरबानी:*
📖हदीस में है हुज़ूरे अक़दस सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने एक दुंबे कि जबह में फ़रमाया बिस्मिल्लाह अल्लाहु अकबर इलाही यह मुहम्मद सल्लल्लाहु तआला अलैहि व सल्लम और उनके अहले बैत की तरफ से है दूसरे की जबह में फ़रमाया बिस्मिल्लाह अल्लाहु अकबर यह उसकी तरफ से है जिसने मेरी उम्मत से क़ुरबानी न की मुसलमानों अपने नबी रऊफ व रहीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की रहमत देखो
*📖हदीस ::-* में इरशाद है फरबा व ताजा क़ुरबानियाँ करो कि वह पुल सिरात पर तुम्हारी सवारियां होंगी
हुज़ूरे अनवर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम मालूम था कि मेरी उम्मत में करोड़ों वह होंगे जो क़ुरबानी से आजिजा होंगे या उन पर वाजिब न होने के सबब क़ुरबानी न करेने हुज़ूर ने न चाहा कि वह सिरात पर बेसवारी के रह जाएं उनकी तरफ से खुद क़ुरबानी फरमा दी कि अगर वह अपनी जान भी कुरबान करते तो उनकी दस्ते मुबारक़ की फजीलत को न पहुँचते सल्लल्लाहु तआला अलैहि अला आलेही व सहबेही व बारिक वसल्लम।
♻इस बारे में आला हजरत इमाम अहमद रज़ा का अमल मुलाहिजा हो खुद इरशाद फ़रमाते हैं:
मैं हमेशा से रोज़े ईद एक आला दरजा का बेश कीमत मेढ़ा अपने सरकारे आलम मदार सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की तरफ से किया करता हूँ और रोज़े। वेसाल हज़रत वालिद माजिद कुद्दीसा सिर्रुहु से एक मेढ़ा उनकी तरफ से और अब उस सुन्नते करीमा के इब्तिदा से यह नियत कर ली है कि इन्शा अल्लाह तआला ताबका जिन्दगी अपने उन अहले सुन्नत भाइयों की तरफ से करूँगा जिन्होंने क़ुरबानी न कि ख्वाह गुज़र गये हों या मौजूद हो या आइन्दा आएं
*(📚फैजाने आला हजरत सफ़ह,636)*
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*🏁 मसलके आला हजरत 🔴*
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