वहाबी देवबन्दी का ज़बीहा हराम है
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 वहाबी देवबन्दी का ज़बीहा हराम है 🥀* ♦️एक मशहूर आलिम-ए-दीन की तरफ मनसूब एक वीडियो सोशल मीडिया पर गश्त लगा रहा है। ऐसे विडियोज़ की निस्बत की सदाक़त जब तक वाज़ेह न हो, तब तक मनसूब इलैह का नाम लेना भी मुनासिब नहीं। विडीयों का खु़लासा ये है के एक साईल ने सवाल किया की वहाबी का ज़बीहा जाईज़ है या नहीं जवाब दिया गया की सिर्फ काफिर का ज़बीहा हराम है। गुमराह का ज़बीहा हराम नही। चूके वहाबिया में से चार शख़्स और एक का़दयानी यानी कुल पांच लोगों पर हुक्म ए कुफ्र है, लिहाज़ा इन का ज़बीहा हराम होंगा। बाकी जिस वहाबी के कुफ्र का हमे इल्म नहीं, हम उस को गुमराह मानेंगे और उसका ज़बीहा जाईज़ होगा। वाज़ेह रहे के बर्रेसगी़र में फिरक़ा-ए-वहाबिया के दो गिरोह है। मुक़ल्लिद वहाबीया को देवबंदी कहा जाता हैं और गै़र मुक़ल्लिद वहाबिया को सल्फी और अहले हदीस कहा जाता हैं। जिस जमाअत के बुनयादी अक़ाइद में कुफ्र पाया जाता हो, उस जमाअत का जमाअती हुक्म वही होगा जो काफ़िर जमाअ़तो का जमाअती हुक्म होता है। जमाअती हुक्म उस जमाअ़त के तमाम अफ़राद पर नाफिज़ होता है। देवबंदी एक मुर्तद जमाअत का नाम है,...
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