क़ुरबानी का गोश्त काफिर को हरगिज़ न दे और बदमज़हब मुनाफ़िक़ तो काफ़िर से बदतर है लिहाज़ा उसको भी हरगिज़ न दें3⃣

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*🥀 कुर्बानी के मसाइल 🥀*



*👉 POST: 3⃣*


*✏️ क़ुरबानी का गोश्त काफिर को हरगिज़ न दे और बदमज़हब मुनाफ़िक़ तो काफ़िर से बदतर है लिहाज़ा उसको भी हरगिज़ न दें*

📚 _(बहारे शरियत,हिस्सा 15,सफ़ह 144).._

*✏️ जो जानवर को ज़बह करे बिस्मिल्लाह शरीफ वोह पढ़े किसी दुसरे के पढ़ने से जानवर हलाल न होगा*

📚 _(बहारे शरियत,हिस्सा 15,सफ़ह 121).._

*✏️ ज़बह के वक़्त जानबूझकर बिस्मिल्लाह शरीफ न पढ़ी तो जानवर हराम है,और अगर पढ़ना भूल गया तो हलाल है*

📚 _(बहारे शरियत,हिस्सा 15,सफ़ह 119).._
📚 _(ज़बीहे इसालो सवाब,सफ़ह 15)_..


*✏️ ज़बह करते वक़्त जानवर की गर्दन अलग हो गई या जानबूझकर भी अलग कर दी,ऐसा करना मकरूह है मगर जानवर हलाल है*

📚 _(बहारे शरियत,हिस्सा 15, सफ़ह 118)..._

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*🏁 मसलके आला हजरत 🔴*

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