दो शख़्स मिल कर छुरी पकड़कर जानवर ज़िब्ह कर रहे थे एक ने बिस्मिल्लाह पढ़ी और एक ने नहीं तो जानवर का क्या हुक्म होगा*0️⃣7️⃣

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*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*
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*🧮 पोस्ट 82▪️*

*📝 सवाल-;*
*📇 दो शख़्स मिल कर छुरी पकड़कर जानवर ज़िब्ह कर रहे थे एक ने बिस्मिल्लाह पढ़ी और एक ने नहीं तो जानवर का क्या हुक्म होगा*

*✍️ जवाब-:*
*📇 सुन्नी सहीहुल अक़ीदा मुसलमान होना और दोनों का बिस्मिल्लाह पढ़ना ज़रूरी है अगर उनमें से कोई काफ़िर या बद मज़हब हो या (मुसलमान ही मगर उन में से) किसी ने बिस्मिल्लाह क़सदन (जान बूझ कर) छोड़ दिया तो जानवर हराम होगा रद्दुल मोहतार में है जब ज़िब्ह में दो शख्स शरीक हों तो बिस्मिल्लाह पढ़ना दोनों पर शर्त है अगर एक ने पढ़ा और एक ने पढ़ना तर्क कर दिया या यह ख़्याल किया कि एक का पढ़ना काफी है (यानी एक ने पढ़ लिया बस) तो उसका खाना हराम होगा*
*फ़तावा रज़विया में है मुअय्यन ज़ाबिह से यही मुराद है कि ज़ाबिह (ज़िब्ह करने वाले) का हाथ कमज़ोर हो ज़िब्ह में वक्त देखे तो दूसरा उसके साथ छुरी पर हाथ रख कर दोनों मिल कर हाथ फेरें इस सूरत में दोनों पर तकबीर वाजिब है अगर उन में से कोई भी क़सदन तकबीर न कहेगा ज़बीहा मुरदार हो जायेगा अगर्चे दूसरा तकबीर कहे एक और जगह पर है हां अगर एक ने दूसरे को नफ्से ज़िब्ह में मदद दी मसलन ज़ैद ज़िब्ह करता है उमर ने देखा उसका हाथ ज़ईफ है ज़िब्ह में देर होगी अपना हाथ भी छुरी पर रख दिया और दोनों ने मिलकर छुरी फेरी तो बेशक दोनों में जो कोई क़सदन तकबीर न कहेगा जानवर हराम हो जायेगा यूंही अगर उन में कोई काफ़िर मुशरिक था तो भी ज़ाबीहा मुरदार हो गया बहारे शरीअत में है दो शख्सों ने ज़िब्ह किया तो दोनों का पढ़ना ज़रूरी है एक ने क़सदन तर्क किया तो जानवर हराम है, अगर दोनों मुसलमान ही था और एक ने भूल कर बिस्मिल्लाह न पढ़ा तो जानवर हलाल है*

*📚 अनवारे क़ुर्बानी सफ़ह 146, 147*
*📚 रद्दुल मोहतार जिल्द 9 सफ़ह 504*
*📚 फ़तावा रज़विया जिल्द 20 सफ़ह 215, 218*
*📚 बहारे शरीअ़त जिल्द 3 सफ़ह 318*
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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*

*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​* 
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*

*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदक़े तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*


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